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Thursday, 28 April 2016

बिहार एसएससी परीक्षा के लिए मुफ्त कोचिंग

बिहार में बिहार कर्मचारी  चयन आयोग की इंटर स्तरीय लिखित परीक्षा में सम्मिलित हेाने वाले परीक्षार्थियों को बीएसएस क्लब:- निशुल्क शैक्षणिक संस्थान रोसड़ा,समस्तीपुर के द्वारा नि:शुल्क प्रशिक्षण दिया जा रहा है।  विभिन्न पदों के लिए  संभवतः जुलाई-अगस्त को होने वाली लिखित परीक्षा से पहले युवाओं को प्रतियोगिता परीक्षाओं की बारीकियां बताई जा रही है तथा निर्धारित पाठ्यक्म को ध्यान में रखते हुए गणित,रीजनिंग व सामान्य अध्ययन का  प्रशिक्षण दिया जाएगा।
 इसके लिए विशेष पाठ्य सामग्री तैयार की गई है। प्रशिक्षण के जरिए प्रशिक्षणार्थियों की जिज्ञासा का समाधान एवं व्यक्तिगत चर्चा, मांक टेस्ट आदि के माध्यम से तैयारी कराई जा रही है।

इस प्रशिक्षण में बिहार कर्मचारी चयन आयोग के  परीक्षाओं के पैटर्न पर आधारित अध्यापन के बाद प्रति सप्ताह प्रशिक्षणार्थियों की परीक्षा आयोजित कर समय प्रबंधन एवं नकारात्मक अंकों से बचने जैसे कई गुर सिखाए जा रहे हैं।
यहां 8 वर्षों से बच्चों को मुफ्त में शिक्षा देते आ रहे हैं पूर्व विदेश मंत्रालय कर्मी

समस्तीपुर: राजेश कुमार सुमन, विदेश मंत्रालय के पूर्व कर्मचारी हैं, लेकिन पिछले तीन 8 वर्षों से समस्तीपुर के अलावे दरभंगा,बेगूसराय,खगडिया एवं वैशाली जिले के गरीब एवं मेधावी बच्चों को नि:शुल्क शिक्षा दे रहे हैं। उनकी सहायता से कई छात्र विभिन्न प्रतियोगिता परीक्षाओं में सफल हुए हैं।
श्री सुमन फिलहाल विदेश मंत्रालय की नौकरी छोड़कर "बीएसएस क्लब" नामक सगठन के द्वारा  बच्चे को मुफ्त में शिक्षा दे रहे है। पिछले 8 वर्षों से  आसपास के लोगों के बच्चों को मुफ्त कोचिंग देने के कारण उन्हें काफी सम्मान मिला है।

इस परोपकारी काम के लिए उन्हें समाज के लोगों के द्वारा काफी सहयोग मिल रहा है। सुमन को गणित, रिजनिंग, अंग्रेजी और सामान्य अध्ययन विषयों में महारत हासिल है। वह बताते हैं कि उनके पढ़ाए दर्जनों छात्र रेलवे, एसएससी,राष्ट्रीय रक्षा अकादमी और बैंक की कई परीक्षाओं में सफल हुए हैं।/

Tuesday, 26 April 2016

गरीब बच्चों को मुफ्त पढ़ाने के लिए छोड़ दी नौकरी

 समस्तीपुर : दुनिया में ऐसे शख्स बहुत कम मिलते है जो खुद के लिए नहीं दूसरों के लिए जीते हैं। ऐसे इंसान सबके लिए एक मिसाल बन जाते हैं। रोसड़ा प्रखंड के रहने वाले राजेश कुमार सुमन ऐसी शख्सियत हैं जो गरीब एवं मेधावी बच्चों को मुफ्त में शिक्षित करने में जुटी हुई हैं। वह इन बच्चों को उनके घर से बुलाकर शिक्षित करते हैं। सुमन इस काम में इस कदर जुटा हैं कि उन्होंने इसके लिए अपनी विदेश मंत्रालय की नौकरी तक छोड़ दिया। सुमन ने बताया कि वह पहले नौकरी करने के साथ ही अपने इस शौक को बीएसएस क्लब:-नि:शुल्क शैक्षणिक संस्थान को स्थापित कर पूरा करता था। बाद के वर्षो में  अपनी नौकरी  को छोड़ दिया और उन्होनें अपना पूरा समय ही गरीब बच्चों को पढ़ाने व समाज सेवा को देने का सोचा।

Sunday, 24 April 2016

ओपेन कोचिंग:-एक अनोखा स्कूल जहाँ गुरू ही शिष्य और शिष्य ही गुरू

बिहार के समस्तीपुर जिले में बीएसएस क्लब के द्वारा संचालित नि:शुल्क कोचिंग पढने और पढाने के अनूठे तरिके के कारण इन दिनों चर्चा में है।यहाँ पढ रहे युवाओं ने सरकारी व गैर सकारी संगठनों में सफलता का झंडा गाड़ दिया है। दरअसल ये कोचिंग खुले आसमान व एक शेड में संचालित किया जा रहा है,जहाँ  हर छात्र-छात्राएं एक-दूसरे का गुरू भी और शिष्य भी।
 यहाँ आने वाले छात्र किसी भी विषय पर ग्रुप डिस्कशन करते है और समस्या का हल निकालते है
। यहाँ से सैकड़ों छात्र विभिन्न प्रतियोगिता परीक्षा में सफलता के नये आयाम रचे है।