आज विश्व पर्यावरण दिवस, 5 जून के अवसर पर बीएसएस क्लब के सदस्यों व छात्र-छात्राओं नें शपथ लिया है कि रोसड़ा एवं इसके आसपास के गावों में प्रत्येक सदस्य कम से एक पेड़ जरूर लगांयेगे और अपने क्षेत्रों में पर्यावरण संरक्षण के लिए लोगों को जागरूक करेंगे। इसी कड़ी में आज शहर के पांचूपुर में कई फलदार व छायादार पेड़ लगाकर वृक्षारोपण कार्यक्रम की शुरूआत क्लब के संरक्षक श्याम ठाकुर, संस्थापक राजेश कुमार सुमन एवं वरीय सदस्य रंजीत सिंह नें संयुक्त रूप से की। इस मौंके पर क्लब के अन्य प्रमुख सदस्यों में अमितेष कुमार,दीपक कुमार वर्णवाल,दिव्यांशु कुमार,सावन कुमार, चंदन कुमार,रीता कुमारी, अंजुषा कुमारी,अभिलेखा कुमारी,शिल्पी कुमारी,संगीता कुमारी समेत दर्जनों छात्र-छात्राओं ने पेड़ लगाया।
Sunday, 5 June 2016
पर्यावरण संरक्षण का लिया शपथ
आज विश्व पर्यावरण दिवस, 5 जून के अवसर पर बीएसएस क्लब के सदस्यों व छात्र-छात्राओं नें शपथ लिया है कि रोसड़ा एवं इसके आसपास के गावों में प्रत्येक सदस्य कम से एक पेड़ जरूर लगांयेगे और अपने क्षेत्रों में पर्यावरण संरक्षण के लिए लोगों को जागरूक करेंगे। इसी कड़ी में आज शहर के पांचूपुर में कई फलदार व छायादार पेड़ लगाकर वृक्षारोपण कार्यक्रम की शुरूआत क्लब के संरक्षक श्याम ठाकुर, संस्थापक राजेश कुमार सुमन एवं वरीय सदस्य रंजीत सिंह नें संयुक्त रूप से की। इस मौंके पर क्लब के अन्य प्रमुख सदस्यों में अमितेष कुमार,दीपक कुमार वर्णवाल,दिव्यांशु कुमार,सावन कुमार, चंदन कुमार,रीता कुमारी, अंजुषा कुमारी,अभिलेखा कुमारी,शिल्पी कुमारी,संगीता कुमारी समेत दर्जनों छात्र-छात्राओं ने पेड़ लगाया।
Friday, 3 June 2016
300 से ज्यादा छात्रों को दिखाई सफलता की राह, सुधार रहे गरीब विद्यार्थियों का जीवन
समस्तीपुर. जिले के गरीब विद्यार्थियों को तरासने में बीएसएस क्लब:-नि:शुल्क शैक्षणिक संस्थान की भूमिका अहम रही है। पांचूपुर, रोसड़ा में एक शेड में 8 वर्षों से संचालित यह संस्थान अब तक 300 से ज्यादा विद्यार्थियों की जिंदगी संवार चुकी है। सफलता की कहानी लिखने वाले ज्यादातर विद्यार्थी मध्यम या गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन करने वाले परिवार से हैं। जिला में यह क्लब युवाओं के बीच शिक्षा और रोजगार का अलख जगा रही है। संस्थान छात्रों को नि:शुल्क शिक्षा प्रदान करती है।
ऐसे हुआ क्लब का गठन
रोसड़ा के आसपास निम्न मध्यम वर्ग अथवा दिहाड़ी मजदूरी करने वालों की संख्या है। इन मेहनतकश लोगों के बच्चों में छोटी ही सही सरकारी अथवा रेलवे,एसएससी व बैंक में नौकरी करने की ललक थी। लेकिन आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण ज्यादातर परिवार बच्चों को पढ़ाने में असमर्थ थे। इसी बात से प्रेरित होकर कुछ छात्रों ने एक संस्था गठित करने के बारे में सोचा, जिसमें पढ़ने वाले और पढ़ाने वाले दोनों हों। वर्ष 2008 को बीएसएस क्लब वजूद में आई।
गरीब छात्रों की जिंदगी संवारना मकसद
निजी कोचिंग संस्थानों ने पढ़ाई को व्यापार बना दिया है। फीस ज्यादा होने के कारण इन संस्थानों में गरीब विद्यार्थी पढ़ाई नहीं कर सकते। बाजारीकरण के दौर में छात्र सामूहिक रूप से तैयारी करते हैं। यहां का अनुशासन भी अनूठा है। 8 साल में इस कोचिंग संस्थान से लगभग 300 छात्र -छात्राएं सरकारी व बैंकों की प्रतियोगी परीक्षाओं में सफल हुए हैं। गरीब विद्यार्थियों की मदद कर उनके जीवन को सफल बनाना ही क्लब का मकसद है।
Thursday, 2 June 2016
यहाँ दी जाती है बेटियों को मुफ्त शिक्षा
बिना किसी सरकारी सहायता के भारत सरकार के महत्वाकांक्षी योजना 'बेटी बचाओ बेटी पढाओ' के तहत बीएसएस क्लब:-नि:शुल्क शैक्षणिक संस्थान रोसड़ा (समस्तीपुर) के द्वारा सभी श्रेणी के छात्राओं को सभी प्रकार के प्रतियोगिता परीक्षाओं की मुफ्त में तैयारी करवाई जाती है।जो भी छात्राएं यहाँ से पढकर सरकारी नौकरी कर रही है या फिर कई शिक्षित महिलाएं वो समय-समय पर आकर मार्गदर्शन करते रहती है। आज इसी कड़ी में संगीता कुमारी ने छात्राओं को सामान्य अध्ययन पढायी।
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