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Sunday, 23 December 2018

पौधा वाले गुरुजी राजेश कुमार सुमन गुरु दक्षिणा में पर्यावरण संरक्षण के लिए बच्चों से लेते हैं पौधा

पर्यावरण आज पूरी दुनिया के लिए चर्चा का विषय है। बढ़ती हुई कार्बन डाई-ऑक्साइड और धरती के बढ़ते हुए तापमान ने पूरी दुनिया को चिंता में डाले हुए है। ग्लोबल वॉर्मिंग से दुनिया को सुरक्षित रखने के लिए हर तरफ पेड़ लगाने की बात होती है, लेकिन दुनिया में ऐसे गिन चुने ही लोग हैं जो इस बात की गंभीरता समझते हैं उन्हीं में एक समस्तीपुर जिला के रोसड़ा प्रखंड अन्तर्गत ढरहा गांव के किसान श्री राम चरित्र महतो के बड़े पुत्र शिक्षक राजेश कुमार सुमन भी हैं जिन्हें लोग प्यार से 'पौधा वाले गुरुजी' या फिर ट्रीमैन के नाम से भी पुकारते हैं। 'पौधा वाले गुरुजी' (राजेश कुमार सुमन) बिना किसी सरकारी मदद के पर्यावरण संरक्षण व संवर्धन के लिए "सेल्फी विथ ट्री" मुहीम के माध्यम से बड़े पैमाने पर पेड़ लगाकर हरियाली फैलाने का काम कर रहे हैं।उनकी सुबह की शुरुआत ही पौधारोपण से होती है। अगर वह चौबीस घंटे में एक पौधा नहीं रोपते हैं तो उन्हें चैन नहीं आता। हालांकि राजेश कुमार सुमन जब छठी कक्षा में पढ़ते थे उसी समय से पौधारोपण करते हैं,लेकिन सघन पौधारोपण अभियान पिछले चार वर्षों से करते आ रहे हैं। बताते चलें कि पौधा वाले गुरु जी राजेश कुमार सुमन "बीएसएस क्लब" के माध्यम से पिछले 10 वर्षों से बेटियों,दिव्यांग और आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों को मुफ्त में शिक्षा दे रहे हैं और मुफ्त शिक्षा के बदले राजेश कुमार सुमन सुमन गुरु दक्षिणा के रूप में पर्यावरण संरक्षण व संवर्धन के लिए प्रत्येक बच्चों से एक-एक पौधा रोपण करवाते हैं।इस तरह से अब तक लाखों पौधारोपण करवा चुके हैं।इसके अलावे राजेश कुमार सुमन जहाँ कही भी शादी-समारोह,जन्मदिन,शादी के सालगिरह,जनेऊ व मुंडन जैसे मांगलिक अनुष्ठानों के आयोजन के अवसर पर गिफ्ट या चुमावन के बदले इको फ्रेंडली गिफ्ट के रूप पौधा भेंट करते हैं।राजेश कुमार सुमन अपने जन्मदिन और शादी के सालगिरह पर पौधारोपण करने के साथ-साथ विभिन्न महापुरुषों के जयंती व पुण्यतिथि,प्रमुख त्योहारों,प्रमुख दिवसों,विश्व जल दिवस,विश्व पृथ्वी दिवस,विश्व पर्यावरण दिवस जैसे आयोजनों पर विशेष अभियान चलाकर पौधारोपण चलते हैं और संगोष्ठियों -रैली के माध्यम से आमजनों को जागरूक करते हैं।बच्चों को पढ़ाने के बाद राजेश कुमार सुमन के पास जो भी वक्त बचता है उसे वह प्रकृति की सेवा में लगा देते हैं।वे जहाँ बच्चों को मुफ्त में शिक्षा देते वहां के बगीचे में पचास से अधिक प्रजाति के पेड़-पौधे देखने को मिल जाएंगे। वह लोगों को पौधारोपण के लिए जागरूक करने के साथ-साथ अपने पास से पौधे भी मुफ्त में देते हैं।राजेश कुमार सुमन पर्यावरण संरक्षण के लिए न केवल अपना कीमती वक्त खर्च करते हैं बल्कि अपनी कमाई का 60 प्रतिशत हिस्सा भी इसके लिए लगाते हैं। पर्यावरण के लिए उनके इसी जुनून के चलते लोगों ने अब उन्हें पौधा वाले गुरुजी या फिर ट्रीमैन कहना शुरू कर दिया है।पौधा वाले गुरुजी राजेश कुमार सुमन को शिक्षा व पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए बिहार उप-मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी जी, बिहार आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के उपाध्यक्ष व्यास जी,राजीव गाँधी केन्द्रीय विश्वविद्यालय अरूणाचल प्रदेश के कुलपति डा. साकेत कुशवाहा, प्रश्न एवं ध्यानाकर्षण कमिटी , बिधान परिषद पटना(बिहार) के अध्यक्ष प्रो.नवल किशोर यादव, समस्तीपुर जिलाधिकारी प्रणव कुमार,मोतिहारी के पुलिस अधीक्षक श्री उपेन्द्र शर्मा ,दिल्ली विश्वविद्यालय,प्रेस क्लब लखनऊ सहित कई स्वयंसेवी संस्थाएं समानित कर चुकी हैं।

Monday, 17 December 2018

शादी में पौधारोपण एक जन-आंदोलन होना चाहिए-राम बालक सिंह

15 दिसंबर 2018 को देर संध्या समस्तीपुर जिला अन्तर्गत विभूतिपुर प्रखंड के ऐतिहासिक व क्रांतिकारी पतैलिया की धरती पर श्री राम कुमार चौरसिया जी के पुत्र नितेश के शादी के उपरांत के वर-वधू स्वागत समारोह के दौरान पर्यावरण संरक्षण व संवर्धन के लिए चलाये जा "सेल्फी विथ ट्री" मुहीम के पूरी टीम के साथ मुहीम के संस्थापक पौधा वाले गुरु जी ट्रीमैन Rajesh Kumar Suman पहुंचे ।पूर्व सुनियोजित कार्यक्रम के तहत विभूतिपुर विधानसभा के लोकप्रिय विधायक माननीय राम बालक सिंह जी,प्रखंड प्रमुख महोदया श्रीमती निर्मला किशोरजी,युवातुर्क समाजसेवी श्याम किशोर कुशवाहा जी व अन्य प्रमुख गणमान्य लोगों की गरिमामयी उपस्थिति में पौधा वाले गुरु जी ट्रीमैन राजेश कुमार सुमन नें वर-वधू को कृत्रिम उपहार के बदले इको फ्रेंडली उपहार के रूप में आम का पौधा भेंट कर उज्जवल भविष्य की कामना किया।तत्पश्चात ग्रामीणों के बीच वर-वधू एवं अतिथियों के द्वारा प्रीति भोज में शामिल लोगों के बीच आम और अमरूद का पौधा वितरित किया गया और वर-वधू के द्वारा पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प भी लिया गया। वर-वधू स्वागत समारोह के दौरान पर्यावरण संरक्षण व संवर्धन के लिए पौधारोपण वितरण और पौधारोपण ग्रामीणों के बीच कौतूहल का विषय बना हुआ था।होना भी लाजिमी था क्षेत्र में पहली बार इस तरह के अनोखे कार्यक्रम का आयोजन किया जा यहा हो।कार्यक्रम को देखने के लिए काफी संख्या में बुजुर्ग,महिलाएं,बच्चे पहुंचे हुए।सभी इस अनोखे कार्यक्रम का खूब प्रशंसा कर रहे थे।कुछ बुजुर्ग तो यहा तक आपस में बात कर रहे थे काश हमारे जमाने में भी इस का कार्यक्रम होता तो हमलोग भी पौधारोपण करते और उस पेड़ का फल पूरे परिवार के साथ चखते और नये पीढियों को बताते कि शादी के अवसर पर पौधारोपण किया था। जिसका फल आज हमलोग सभी मिलकर खा रहे हैं। माननीय विधायक जी अपने उद्बोधन के दौरान आमजनों से भी कहा कि "सेल्फी विथ ट्री" अभियान से प्रेरणा लेकर शादी,जन्मदिन व शादी के सालगिरह जैसे मांगलिक अनुष्ठानों के आयोजन के अवसर पर पौधारोपण व वितरण जन आन्दोलन बनते जा रहा है। प्रखंड प्रमुख श्रीमती निर्मला किशोर नें उपस्थित जन समूह को संबोधित करते हुए कही कि जीवन भर मुफ्त में आॅक्सीजन देने वाले पेड़ को हम महत्व नहीं देते हैं और वहीं कृत्रिम आॅक्सीजन देने वाले डाॅक्टर को हम कद्र करते हैं। मनुष्य को स्वस्थ्य रहने के लिए घर में एसी लगाने के बदले अपने घर-आंगन में कम से कम एक पौधारोपण जरूर करना चाहिए।जिससे प्राकृतिक एसी का मजा आयेगा।बेटियों को एसी,फ्रीज व वांशिग मशीन के बदले पौधा ही देना चाहिए। एसी,फ्रीज और वाशिंग मशीन से सीएफसी जैसे खतरनाक निकलती है,जो ओजोन परत को नुकसान पहुंचा रही है।ओजोन परत में छेद होने से परा-बैंगनी किरण प्रत्यक्ष रूप से पृथ्वी पर विपुल मात्रा में पहुंचेगी,जिससे हमें त्वचा कैंसर जैसी घातक बीमारी हो सकती है।इसलिए अधिक से अधिक पौधारोपण और कम से एसी,फ्रीज और वाशिंग मशीन का उपयोग करना चाहिए।उन्होंने यह भी कही की विभिन्न कार्यक्रम उद्घाटन व शिलान्यास के समय भी फीता काटने के साथ-साथ पौधारोपण करना चाहिए।पौधा वाले गुरुजी ट्रीमैन राजेश कुमार सुमन ने उपस्थित ग्रामीणों और अतिथियों को संबोधित करते हुए कहा कि आज हमलोगों को पर्यावरण संरक्षण व संवर्धन के लिए अधिक से अधिक पौधारोपण करने की आवश्यकता है।बिहार में 9.5 प्रतिशत और देश में 24 प्रतिशत मात्र वन है जबकि पर्यावरण संरक्षण के लिए कम से कम 33 प्रतिशत वन होना जरूरी है।इसलिए समय रहते हमलोग अधिक से अधिक पौधारोपण नहीं करेंगे तो दिल्ली जैसे हालात बिहार में भी हो सकता है और हमारे आने वाले पीढी विभिन्न प्रकार के बिमारियों से ग्रसित हो जायेंगे व घर बाहर निकलने पर आॅक्सीज का सिलिंडर साथ में रखना होगा।साथ-साथ सभी ग्रामीणों से भी जन्मदिन व शादी के सालगिरह पर पर केक काटने के साथ-साथ पौधारोपण करने के लिए आग्रह किया।संबोधन के दौरान उन्होंने कहा की आज स्मार्ट सिटी के साथ-साथ इको फ्रेंडली सिटी बनाने पर जोर देना चाहिए और आगे कहा कि 18 पेड़ जितना आॅक्सीजन देती है,उतना आॅक्सीजन एक मनुष्य अपने पूरे जीवन काल में ग्रहण करता है। दूसरी ओर एक पेड़ पूरे जीवन काल में 42 लाख रू. के बराबर हमें आॅक्सीजन प्रदान करती है और 38 लाख रू. के बराबर वायु प्रदूषण से हमें बचाती है।आज हमलोग शहरीकरण के विस्तार हेतु अंधाधुंध वनों का कटाई कर रहें हैं।अगर इसी तरह से कटाई जारी रहेगा तो आनेवाले 30 वर्षों में वैश्विक तापमान में औसतन 2 डिग्री सेल्सियस बढ़ने की उम्मीद है,जिससे ग्लेशियर पिघलेगा और पानी नदी के माध्यम से समुद्र में पहुंचेगा तो परिणामस्वरूप समुद्र का जल स्तर बढेगा और निचले तबके के तटीय शहर व सुन्दर वन का डेल्टा सहित छोटे-छोटे आइसलैंड को समुद्र अपने आगोश में ले लेगी। श्याम किशोर कुशवाहा नें अपने संबोधन के दौरान कहा कि हिन्दू धर्म में बेटी के शादी से पहले फलदान कार्यक्रम में लड़की पक्ष वाले लड़के पक्ष वाले को अपने सामर्थ्य के अनुसार 5 विभिन्न प्रकार के फल भेंट करते हैं जो हमारी बेटी उस फल को खा भी नहीं पाती है। उस फल को होने वाले दामाद,उनके माता-पिता,भाई-बहन खाकर खत्म कर देते हैं।अगर हम बेटियों के उक्त फलदान कार्यक्रम में फलों के साथ-साथ 5 विभिन्न प्रकार पौधा भी दें और सुरक्षित स्थान पर पौधारोपण करवा दिया जाय तो आने वाले 4-5 वर्षों में फल फलेगा तो बेटी,दामाद,नाति-नतिनी सभी एक साथ बैठकर फल खायेंगे और हमारा पर्यावरण भी संतुलित रहेगा।