Saturday, 13 October 2018
ट्रीमैन उप मुख्यमंत्री से मिलकर पर्यावरण बचाने को दिया 8 सूत्री सुझाव
Sunday, 7 October 2018
ट्रीमैन राजेश कुमार सुमन को उप-मुख्यमंत्री नें किया सम्मानित
05 अक्तूबर को डाॅल्फिन दिवस के अवसर पर वन,पर्यावरण व जलवायु मंत्रालय बिहार मंत्रालय सरकार के द्वारा पटना के संजय गाँधी उद्यान में आयोजित कार्यक्रम के दौरान पर्यावरण संरक्षण व संवर्धन के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए "सेल्फी विद् ट्री" अभियान के प्रणेता पौधा वाले गुरु जी ट्रीमैन के नाम से प्रसिद्ध राजेश कुमार सुमन को बिहार के उप-मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी सम्मानित नें सम्मानित किया। उक्त कार्यक्रम में राजेश कुमार सुमन के अलावे सितामढी के जिलाधिकारी डा. रंजीत कुमार सिंह और कैमूर के जिलाधिकारी नवल चौधरी को भी सम्मानित किया गया। बताते चलें कि पर्यावरण आज पूरी दुनिया के लिए चर्चा का विषय है। बढ़ती हुई कार्बन डाई-ऑक्साइड और धरती के बढ़ते हुए तापमान ने पूरी दुनिया को चिंता में डाले हुए है। ग्लोबल वॉर्मिंग से दुनिया को सुरक्षित रखने के लिए हर तरफ पेड़ लगाने की बात होती है, लेकिन दुनिया में ऐसे गिन चुने ही लोग हैं जो इस बात की गंभीरता समझते हैं उन्हीं में एक समस्तीपुर जिला के रोसड़ा प्रखंड अन्तर्गत ढरहा गांव के किसान श्री राम चरित्र महतो के बड़े पुत्र शिक्षक राजेश कुमार सुमन भी हैं जिन्हें लोग प्यार से 'पौधा वाले गुरुजी' या फिर ट्रीमैन के नाम से भी पुकारते हैं। 'पौधा वाले गुरुजी' (राजेश कुमार सुमन) बिना किसी सरकारी मदद के बड़े पैमाने पर पेड़ लगाकर हरियाली फैलाने का काम कर रहे हैं।उनकी सुबह की शुरुआत ही पौधारोपण से होती है। अगर वह चौबीस घंटे में एक पौधा नहीं रोपते हैं तो उन्हें चैन नहीं आता। हालांकि राजेश कुमार सुमन जब छठी कक्षा में पढ़ते थे उसी समय से पौधारोपण करते हैं,लेकिन सघन पौधारोपण अभियान पिछले चार वर्षों से करते आ रहे हैं। बताते चलें कि पौधा वाले गुरु जी राजेश कुमार सुमन बीएसएस क्लब के माध्यम से पिछले 10 वर्षों से बेटियों,दिव्यांग और आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों को मुफ्त में शिक्षा दे रहे हैं और मुफ्त शिक्षा के बदले राजेश कुमार सुमन सुमन गुरु दक्षिणा के रूप में पर्यावरण संरक्षण व संवर्धन के लिए प्रत्येक बच्चों से एक-एक पौधा रोपण करवाते हैं।इस तरह से अब तक लाखों पौधारोपण करवा चुके हैं।इसके अलावे राजेश कुमार सुमन जहाँ कही भी शादी-समारोह,जन्मदिन,शादी के सालगिरह,जनेऊ व मुंडन जैसे मांगलिक अनुष्ठानों के आयोजन के अवसर पर गिफ्ट या चुमावन के बदले इको फ्रेंडली गिफ्ट के रूप पौधा भेंट करते हैं।राजेश कुमार सुमन अपने जन्मदिन और शादी के सालगिरह पर पौधारोपण करने के साथ-साथ विभिन्न महापुरुषों के जयंती व पुण्यतिथि,प्रमुख त्योहारों,प्रमुख दिवसों,विश्व जल दिवस,विश्व पृथ्वी दिवस,विश्व पर्यावरण दिवस जैसे आयोजनों पर विशेष अभियान चलाकर पौधारोपण चलते हैं और संगोष्ठियों -रैली के माध्यम से आमजनों को जागरूक करते हैं।बच्चों को पढ़ाने के बाद राजेश कुमार सुमन के पास जो भी वक्त बचता है उसे वह प्रकृति की सेवा में लगा देते हैं।वे जहाँ बच्चों को मुफ्त में शिक्षा देते वहां के बगीचे में पचास से अधिक प्रजाति के पेड़-पौधे देखने को मिल जाएंगे। वह लोगों को पौधारोपण के लिए जागरूक करने के साथ-साथ अपने पास से पौधे भी मुफ्त में देते हैं।राजेश कुमार सुमन पर्यावरण संरक्षण के लिए न केवल अपना कीमती वक्त खर्च करते हैं बल्कि अपनी कमाई का 60 प्रतिशत हिस्सा भी इसके लिए लगाते हैं। पर्यावरण के लिए उनके इसी जुनून के चलते लोगों ने अब उन्हें पौधा वाले गुरुजी या फिर ट्रीमैन कहना शुरू कर दिया है। इससे पहले भी पौधा वाले गुरुजी राजेश कुमार सुमन को बिहार आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के उपाध्यक्ष व्यास जी,राजीव गाँधी केन्द्रीय विश्वविद्यालय अरूणाचल प्रदेश के कुलपति डा. कुशवाहा, प्रश्न एवं ध्यानाकर्षण कमिटी , बिधान परिषद पटना(बिहार) के अध्यक्ष प्रो.नवल किशोर यादव, समस्तीपुर जिलाधिकारी प्रणव कुमार,मोतिहारी के पुलिस अधीक्षक,दिल्ली विश्वविद्यालय सहित कई स्वयंसेवी संस्थाएं समानित कर चुकी हैं।
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